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मनमोहन का तीखा तेवर, कहा दिल्‍ली पुलिस के पास

Bapun Raz

Quarantino
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दिल्‍ली। अनशन स्‍थल को लेकर शनिवार को अन्‍ना हजारे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उन्‍हें अपनी बातों से अवगत कराया था। अन्‍ना को उस पत्र का जबाब मिल गया है। खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस पत्र का जबाब दिया है और वो भी कड़े तेवर अपनाते हुए। उन्‍होंने जबाब में कहा है कि अन्‍ना के अनशन मामले में पीएमओ का कोई लेना देना नहीं है और वह अपनी शिकायत लेकर दिल्‍ली पुलिस के पास जायें। वहीं दूसरी तरफ मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने तो साफ कर दिया है कि बिना अंडरटेकिंग दिए अन्ना की टीम को अनशन की इजाजत नहीं मिल सकती।

आपको बताते चलें कि प्रधानमंत्री ने अन्‍ना की शिकायत से पल्‍ला झाडते हुए जबाब में लिखा है कि अन्‍ना जी, मुझे आपकी चिट्ठी मिली और मैने उसे बहुत गौर से पढ़ा। आपकी शिकायत है कि पुलिस ने आपको जेपी पार्क में सिर्फ तीन दिन के अनशन की ही इजाजत दी है। इस बारे में स्थानीय अथॉरिटी ही कोई फैसला ले सकती है। मेरा दफ्तर इस तरह के फैसलों में शामिल नहीं होता। स्थानीय एजेंसी आपको किन शर्तों पर अनशन की इजाजत देगी।

ये हालात पर निर्भर करता है। इसलिए मैं अन्ना को सलाह दूंगा कि स्थानीय एजेंसियों के पास जाएं। हम सब संविधान के दायरे से जुड़े हुए हैं। अन्ना की टीम से बात करने वाले केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने दो टूक कहा कि अगर अन्ना के दल के लोग प्रदर्शन को लेकर मांगी गई अंडरटेकिंग नहीं देते तो उन्हें अनशन की इजाज़त नहीं दी जाएगी। इसके बाद एक‍ और मामला सामने आया है कि अन्‍ना को अनशन की इजाजत दिल्‍ली पुलिस ने 22 शर्तो पर दिया था।

पुलिस की 22 शर्तों में से अन्‍ना की टीम ने 20 शर्तों को स्‍वीकार कर लिया है। मगर सिर्फ दो शर्तों को लेकर अभी भी दिल्‍ली पुलिस और अन्‍ना के बीच गहमा गहमी चल रही है। आइए आपको बता दें कि अन्‍ना की टीम ने दिल्‍ली पुलिस की तरफ से रखे गये किन-किन शर्तों पर राजी ह‍ै।

1. पार्क में पेड़-पौधों समेत किसी भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं होने देंगे और जिस हालत में लिया था उसी स्थिति में वापस लौटाएंगे।

2. अनशन स्थल पर 50 कार और 50 दुपहिया वाहनों के ही पार्किग की इजाजत होगी।

3. बिना इजाजत धरना स्थल पर किसी तरह के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होगा।

4. ट्रैफिक की सुगम आवाजाही को प्रभावित नहीं होने देंगे।

5. अन्ना अपने समर्थकों को नियंत्रित रखेंगे और ऐसा न होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

6. भीड़ के नियंत्रण व सुरक्षा के लिए अन्ना टीम पर्याप्त स्वयंसेवक व कार्यकर्ता लगाएगी।

7. धरना स्थल पर लोगों के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। साथ ही प्राथमिक चिकित्सा का भी इंतजाम होगा।

8. धरना स्थल पर आने वाले लोग अपने साथ लाठी, हथियार या जानमाल के नुकसान पहुंचाने वाली कोई वस्तु नहीं लेकर आएंगे।

9. किसी तरह के पटाखे भी नहीं चलाए जाएंगे।

10. धरना स्थल पर किसी तरह की भड़काऊ भाषा का प्रयोग नहीं किया जाएगा जो शांति व्यवस्था को खराब करे।

किन बातों को लेकर हो सकती है अन्‍ना और सरकार में टक्‍कर

1. दिल्ली पुलिस ने अनशन से पहले टीम अन्ना को उसकी 22 शर्तो पर रजामंदी भरने और इस बारे में शपथ-पत्र देने को कहा है। अन्ना और उनमें से कई शर्तो के खिलाफ है। ऐसे में पुलिस यदि सभी शर्तो पर रजामंदी लेने की जिद करती है तो टकराव बढ़ेगा।

2. टीम अन्ना हर हाल में अनशन पर आगे बढ़ने की जिद पर अड़ी है। ऐसे में गिरफ्तारी या अनशन को रोकने की कोई भी पुलिस कार्रवाई टकराव बढ़ाएगी।

3. कानून व्यवस्था की आड़ में आंदोलन में लोगों की भागीदारी रोकने की कोई भी कोशिश टकराव का पारा चढ़ाएगी।

4. आमरण अनशन को लेकर अडिग अन्ना की सेहत बिगड़ने में सरकार का दखल भी टकराव का मोर्चे खोलेगा। सरकार ने अनशन के दौरान अन्ना की सेहत पर सरकारी डॉक्टर के दिन में तीन बार चेक-अप और अस्पताल भेजने को लेकर उसकी राय को अंतिम मानने की शर्त लगाई है।

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